दोबारा सोचिये क्या “TUBELIGHT” वाकई एक फ्लॉप फिल्म है? – जानिए सच!

ट्यूबलाइट फ्लॉप हो गई। सलमान को घाटा हो गया। डिस्ट्रीब्यूटर्स को पैसे लौटाने पड़ रहे हैं। सलमान को प्रॉपर्टी बेचनी पड़ रही है। ऐसा बहुत कुछ पिछले कई दिनों से गपशप गली में दौड़ रहा है। अब सलमान खान ने सीधा अटैक किया है। बोलकर नहीं, दिखाकर। दरअसल, सलमान खान ने अमेज़न प्राइम वी़डियो के साथ एक धमाकेदार डील क्रैक की है। इस डील के मुताबिक, रिलीज़ के कुछ दिनों बाद से ही सलमान की सारी फिल्मों की लाइव स्ट्रीमिंग अमेज़न प्राइम वीडियो पर मिल सकती है।

इतना ही नहीं, टीवी पर आने से पहले, अमेज़न के पास दो महीने का समय छोड़़ा जाएगा। अब ज़रा सोचिए इसके लिए सलमान ने क्या कीमत लगाई होगी। खैर वो भी कुछ समय में पता चल ही जाएगा। बहरहाल, ये तो तय है कि ट्यूबलाइट के सारे नुकसान की भरपाई सलमान खान ने कर ली। गौरतलब है कि बॉक्स ऑफिस पर ट्यूबलाइट केवल 150 करोड़ पर आकर सिमट गई। अब आपको बताते हैं सीधा वो 10 गलतियां जो सलमान से ट्यूबलाइट में हो गईं।

ट्यूबलाइट एक इमोशनल फिल्म है। लेकिन लोगों को सलमान खान में वो अल्हड़ देसी लौंडा देखने की आदत है। जैसा कि सुलतान में था। बजरंगी में वो भोले ज़रूर थे लेकिन गुस्सा आने पर जमकर धुनाई करने की ताकत रखते थे। एक था टाईगर में फिर सलमान वैसे ही दिखेंगे। और सुलतान – टाईगर के बीच, इस लक्ष्मण की कोई जगह बन ही नहीं पाई।

स्टारडम के दम पर सलमान की फिल्में चलती हैं, इसमें कोई शक नहीं है। लेकिन कबीर खान ने सलमान के स्टारडम को इतना ज़्यादा सीरियसली ले लिया कि उन्हें लगा कि वो दर्शकों के सामने कुछ भी परोस देंगे और दर्शक सलमान के नाम पर चट कर जाएंगे। लेकिन ऐसा हुआ नहीं।

सलमान खान कितने भी बड़े सुपरस्टार हों लेकिन ये एक माना हुआ FACT है कि सलमान खान एक एवरेज एक्टर हैं। करीना कपूर तो उन्हें गंदा एक्टर तक कहती हैं। बहरहाल, ज़ाहिर सी बात है कि एक्टिंग के नाम पर बहुत कम ऐसी चीज़े हैं जो सलमान खान कर सकते हैं। लेकिन इस फिल्म में उन्हें भर भरकर एक्टिंग करनी थी जो उन्होंने कोशिश की, पर हो नहीं पाया।

कबीर खान की बजरंगी भाईजान ब्लॉकबस्टर बनी थी हर्षाली और सलमान की ट्यूनिंग की वजह से। ट्यूबलाइट असल में एक अंग्रेज़ी फिल्म से ली गई कहानी थी जो एक छोटे बच्चे की थी। अब कबीर खान ने सलमान को वो छोटा बच्चा बना दिया जबकि फिल्म का जो सबसे क्यूट बच्चा था उसे कबीर ने इस्तेमाल ही नहीं किया।

कबीर खान फिल्म प्रमोशन के दौरान या तो डरे थे या फिर ओवर कॉन्फिडेंस में थे। वो कह गए कि अगर आपको लगता है कि बजरंगी सलमान की बेस्ट फिल्म है तो ट्यूबलाइट का इंतज़ार करिए। बस आधी फिल्म तो यहीं से फ्ल़ॉप हो गई थी। लोगों की उम्मीद बढ़ाकर कबीर खान ने बहुत बड़ी गलती कर दी थी। फिल्म शुरू होती है और 15 मिनट तक शुरू ही नहीं हो पाती है। और बस यहीं से फिल्म छूट गई थी। दर्शक को फिल्म से कनेक्ट करने में काफी समय लग गया। ऐेसें में जब कनेक्शन बन ही नहीं पाया तो फिल्म छूूटती चली गई।

कबीर खान की फिल्में ज़्यादातर धीमी ही होती हैं। काफी समय तक फिल्म में कुछ होता ही नहीं है। बजरंगी भाईजान में इस धीमी गति को संभालते हैं और दौड़ा देते हैं नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी। लेकिन ट्यूबलाइट में इतना ठोस सपोर्टिंग कैरेक्टर था ही नहीं जो फिल्म चला सके।

कबीर खान की कहानियां बिल्कुल अलग रही हैं। ऐसे में ट्यूबलाइट से भी कुछ ऐसी ही उम्मीद थी। लेकिन कबीर खान ने रूपांतरण करने के लिए भी एक फ्ल़ॉप फिल्म उठाई और उसमें भी कास्टिंग गलत कर डाली। यही फिल्म की सबसे बड़ी गलती बन गई। कबीर खान की हर फिल्म में थोड़ी गहराई होती जाती है और दर्शक उसी में डूबता जाता है।

लेकिन ट्यूबलाइट के साथ ऐसा हो नहीं पाया। ऊपर से सलमान खान इंटरटेनर हैं, इमोशन उनके बस का नहीं है। बजरंगी भाईजान में भी सलमान के हिस्से इंटरटेनमेंट ही था। कबीर खान यहां उसी इंटरटेनमेंट से चूक गए। फिल्म पर कबीर खान का यकीन पहले पोस्टर से ही कमज़ोर पड़ चुका था। और इसलिए फिल्म एक बार जो गिरी तो उठ ही नहीं पाई। कबीर खान ने कई बार उसे उठाने की कोशिश भी की।